मंगलवार, 2 अप्रैल 2013

चोली फाड़ जिहाद


 
युक्रेन का एक नारीवादी सगठन है फेमेन ।   इस संगठन की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य था युक्रेन की युवा महिलाओं में नेतृत्व,बौद्धिक तथा नैतिक गुणों का विकास करना और युक्रेन की छवि सुधरने के साथ साथ उसका स्त्रियों के लिए एक अवसर प्रदान करने वाले देश के रूप में विकास करना। अपने इस उद्देश्य की प्राप्ति और दुसरे स्त्री विरोधी कार्यों के विरोध के लिए इस संगठन के सदस्य राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय मंचों पर चोली उतार कर प्रदर्शन करने में विश्वाश रखते हैं। चोली उतार प्रदर्शन  इसलिए क्योंकि  इस प्रकार के प्रदर्शन से लोंगों का ध्यान आसानी से आकर्षित किया जा सकता है और सहज ही खबरों की सुर्खिया बटोरी जा सकती हैं।आज की तिथि में फेमेन का दायरा युक्रेन से आगे बढ़ कर अंतर्राष्ट्रीय हो गया  है और इसने खुद को नए तरीके से फरिभाषित किया है अब  FEMEN – is a hot boobs, a cool head and clean hands. [ वैसे ये सोचने की बात है की स्त्रियों में चोली उतार कर नेतृत्व बौद्धिक और नैतिक गुणों का विकास किस प्रकार से किया जाना था और  ये बौद्धिक और नैतिक गुण क्या वही  होते  जो आम समाज स्वीकारता है या इनकी परिभाषा भी कुछ और ही होती  और हाँ अब hot boobs को महत्व किस लिए ? सस्ती लोकप्रियता या पुरुषों को अभी भी आकर्षित करने का प्रयास  ] 
 
अब यह संगठन चार अप्रेल से ट्युनिसिया की  अमीना के समर्थन में  एक जिहाद शुरू करने जा रहा है। अमीना ने अपने देश के इस्लामिक कट्टरपंथियों के विरोध में अपनी नग्न तस्वीरें फेसबुक पर सार्वजनिक कर दी जिसके लिए ट्युनिसिया की सरकार ने उसे मानसिक रोगी समझ  कर मानसिक रोगियों के अस्पताल में भर्ती  कर दिया है।
फेमेन का वेब पेज सभी स्त्रियों से अमीना के समर्थन और इस्लामिक कट्टरपंथियों के विरोध में चार अप्रेल को चोली उतार कर स्तन दिखाऊ विरोध प्रदर्शन करने का आवाहन करता है।
 इन संगठनों के गंभीरता से नारीवादी होने में मुझे शक होता है। मुझे लगता है की इस प्रकार के नारीवादी संगठनों के प्रणेताओं का एकमात्र उद्देश्य सस्ती लोकप्रियता हासिल करना होता है और नारी अधिकारों के लिए ये लोग सिर्फ अपने स्तनों का प्रदर्शन ही कर सकते हैं। कोई ठोस कार्य करना इन लोगों के बस का होता ही नहीं है 
 
जरा सोचिये  ट्युनिसिया की अमीना के  चोली उतारने पर सभी की चोली फटवाने को तैयार इन नारीवादी संगठनों में से कितनों ने पाकिस्तान या अफगानिस्तान की फाकरा युनुस, आयेशा मोहम्मद या मलाला जैसी मुस्लिम कट्टरपंथियों की बर्बरता की शिकार लड़कियों  के समर्थन में कोई  प्रदर्शन या जिहाद किया। क्या इन लड़कियों के समर्थन में  तेजाब की एक बूंद से खुद को झुलसना या प्रतीक रूप में अपने नाक कान कटाने जैसा कोई सनसनीखेज प्रदर्शन नहीं किया जा सकता था। जी नहीं वो खतरनाक होता। इससे आसान है अपने चोली और ब्लाउज उतार कर
पूरी दुनिया के पुरुषों का ध्यान अपनी और आकर्षित करना। [हो सकता है इसमें भी कुछ लोगों को मजा आता हो। मैंने वसंत विहार जैसे दिल्ली के पोश इलाके में एक लडके को भरे बाज़ार अपना लिंग निकल कर घूमते देखा है। ये भी यौन संतुष्टि का  एक रुग्ण तरीका है। ये और बात है की  उस लडके की जबरदस्त धुलाई हुई। ] 

असल में पश्चिमी सभ्यता में नग्न होकर लोगों का ध्यान आकर्षित करना एक सस्ता आसान उपाय  है। कई बार क्रिकेट मैच के बीच लोग कपडे उतार कर दौड़ लगाने लगते हैं।  कुछ डिपार्टमेंटल स्टोर प्रतियोगिता आयोजित कर नग्न होकर आने वाले अपने स्त्री पुरुष ग्राहकों को मुफ्त खरीदारी करने का अवसर प्रदान करते हैं। गाँव देहात में जिस प्रकार हमारे बच्चे जीभ निकल कर दूसरों को चिढाते हैं उसी प्रकार पश्चिमी गाँव देहात में दूसरों को चिढाने के लिए बच्चे अपना पिछवाडा उघाड़ देते हैं।
 
मैं slut walk या topless jihad जैसे हर विरोध प्रदर्शन के खिलाफ हूँ। ये सामान्य लोगों के काम नहीं हैं बल्कि मानसिक रूप से विचलित असामाजिक लोगों के कार्य हैं।  

बकवास जारी रहेगी ..........

9 टिप्‍पणियां:

  1. मैं कोशिश में था की टिप्पणियों के स्पैम में जाने वाली समस्या का स्थाई हल ढूंढ़ लूँ पर मेरी एक गलती से साडी टिप्पणिया गायब हो गयीं। ...... बड़ा बुरा लग रहा है …. इन गायब हुयी टिप्पणियों को वापसलाने का कोई सरल उपाय है किसी के पास ....

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  2. किसी ने कमेंट्स सब्सक्राईब किये हैं तो उधर से मदद मिल सकती है, ये समस्या भी उनकी फ़ीड में जरूर गई ही होगी।

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  3. agar aap ne delet kar dii haen comment section me jaa kar to kuch nahin kiyaa jaa saktaa

    agar aap email par mangaatey haen to wahaan hongi

    ek baar comment me spam section check kar lae aur ho saktaa sab wahaan chali gayii ho
    aesa hua ho to not spam maark kar dae

    email par purii samsyaa bataae shayad maddat kar sakhun

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