शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2010

यह मेरा पहला ब्लॉग है। अभी तक मैं इस दुनिया से अनजान था। आज महाशिवरात्रि पर मुझे मौका मिला की इस परिवार का एक सदस्य बन सकूँ। मेरे बालपन के मित्र प्रतुल ने मुझे इस माध्यम से परिचित कराया। मैं नहीं जानता इस का क्या फायदा होगा। शायद मुझे नए विचार मिलें। कुछ नए मित्र बनें । ऐसा हो तो मेरी विचार शून्यता मिटे और मैं भी इन्सान बन सकूँ । अभी मैंने शुरुवात की है आगे फिर कुछ कहूँगा फ़िलहाल तो मैं हूँ विचार शून्य।

1 टिप्पणी:

  1. मित्र स्वागत है। मैं हमेशा विचार भूमि पर साथ रहूंगा.

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